- योगेन्द्र खरे संवाददाता त्रिलोक न्यूज ग्वालियर
डबरा (ग्वालियर)। प्रदेश सरकार जहां एक ओर गोवंश संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर डबरा शहर के चांदपुर क्षेत्र के पास स्थित नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित गोशाला की हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
गोशाला में रह रही गायों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। यहां बने टीन शेड जर्जर हालत में हैं, वहीं गायों के बैठने की जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाने के लिए भूसे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से गायें भूख से तड़प रही हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गोशाला के पास से सिंध नदी बहने के बावजूद गायों को पीने का पानी टैंकरों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है, जो कई दिनों के अंतराल में पहुंचता है। पानी की टंकियों में काई जमी हुई है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि पिछले तीन-चार दिनों तक गायों को भूसा तक नहीं मिला, जिसके चलते कई गायों की मौत हो चुकी है। इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है।
गोशाला प्रभारी के अनुसार, लगभग 200 गायों के लिए सालाना 9 लाख रुपये का बजट मिलता है, जो अपर्याप्त साबित हो रहा है।
हाल ही में गो सेवा समिति एवं “साथी हाथ बढ़ाना” संस्था के सदस्यों ने गोशाला का निरीक्षण किया, जिसमें कई खामियां उजागर हुईं। निरीक्षण के बाद तत्काल कुछ भूसे की व्यवस्था कराई गई, लेकिन हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।
इसके अलावा, गोशाला में कार्यरत कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे व्यवस्थाएं और अधिक चरमरा गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
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